माफी पर अपनाना सीखो, गलती पर ठुकराना सीखो, जहां पर न हो तुम्हारी जरूरत, वहा से उठकर जाना सीखो !
उसूलों पर आँच आये तो टकराना ज़रूरी है ! ज़िन्दा हो तो ज़िन्दा नज़र आना ज़रूरी है !!
अपनी कहानी के लेखक हम खुद हैं जो इच्छा कहती है लिख देते है।
अकेला जीना है अकेला मरना है, भाड़ में जाए दुनिया मुझे क्या करना है।
सिख ली जिसने अदा, गम में मुस्कराने की, उन्हें क्या मिटाएगी गर्दिशे इस ज़माने की।
ये मत सोचना के आस छोड़ दी है, बस अब मैंने तेरी तलाश छोड़ दी है !!
अब न ख़ुशी है, न ही कोई दर्द रुलाने वाला, हम ने अपना लिया है हर रंग ज़माने वाला।
गलत को गलत और सही को सही कहने की हिम्मत रखता हूँ, तभी मै रिश्ते आजकल कम रखता हूँ।
मत करो मेरी पीठ के पीछे बात जाकर कोने में। वरना पूरी जिंदिगी गुज़र जाएगी रोने में।
अगर तुम्हे लगता है गलत हूं मैं, तो सही हो तुम, थोड़ा अलग हूं मैं।