कुछ दूर मेरे साथ चलो हम सारी कहानी कह देंगे समझे ना तुम जिसे आँखों से वो बात मुँह ज़बानी कह देंगे।
इश्क़ है या इबादत अब कुछ समझ नही आता, एक खूबसूरत ख्याल हो तुम जो दिल से नही जाता।
मेरे ख़ामोश होठों पर मोहब्बत गुनगुनाती है तू मेरी है.. मै तेरा हूं बस यही आवाज़ आती है.!
धड़कने आज़ाद हैं पहरे लगाकर देख लो.. प्यार छुपता ही नहीं तुम छुपाकर देख लो..
तुझसे रु-ब-रु होकर बातें करूँ, निगाहें मिलाकर वफ़ा के वादे करूँ, थाम कर तेरा हाथ बैठ जाऊं तेरे सामने, तेरी हसीन सूरत के नज़ारे करूँ।
कुछ नशा तेरी बात का है, कुछ नशा धीमी बरसात का है, हमें तुम यूँही पागल मत समझो, ये दिल पर असर पहली मुलाकात का है!!
तेज बारिश में कभी सर्द हवाओं में रहा, एक तेरा ज़िक्र था जो मेरी सदाओं में रहा, कितने लोगों से मेरे गहरे रिश्ते थे मगर, तेरा चेहरा ही सिर्फ मेरी दुआओं में रहा।
फ़िज़ा में महकती शाम हो तुम, प्यार का छलकता जाम हो तुम, सीने में छुपाये फिरते हैं तुम्हें, मेरी ज़िन्दगी का दूसरा नाम हो तुम।
रख लूं नजर में चेहरा तेरा दिन रात इसी पे मरता रहूं.. जब तक ये सांसे चलती रहें, मैं तुझसे मोहब्बत करता रहूं…
बताने की बात तो नही है पर बताने दोगे क्या, इश्क बेपनाह है तुमसे मुझे हक जताने दोगे क्या