दोस्त को दोस्त का इशारा याद रहता है, हर दोस्त को अपना दोस्ताना याद रहता है, कुछ पल सच्चे दोस्त के साथ गुजारो तो सही, वो अफ़साना मौत तक याद रहता है
हम दोस्ती निभाना जानते है , ज़ख्म कितने भी गहरे हो दवा लगाना जानते है , हमें भूलने की कोशिश भी ना करना ऐ दोस्त हम गला दबाना भी जानते है
हक़ीकत समझो या अफ़साना, बेगाना कहो या दीवाना, सुनो मेरे दिल का फसाना, तेरी दोस्ती है मेरे जीने का बहाना।
यादों के भंवर में एक पल हमारा हो, खिलते चमन में एक गुल हमारा हो, जब याद करें आप अपने दोस्तों को, उन नामों में बस एक नाम हमारा हो।
सच्ची है मेरी दोस्ती आजमा के देख लो, करके यकीं मुझ पे मेरे पास आके देख लो, बदलता नहीं कभी सोना अपना रंग, जितनी बार दिल करे आग लगा कर देख लो।
रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी, दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी, जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा, उसे जिंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
ना जाने सालों बाद कैसा समां होगा, हम सब दोस्तों में से कौन कहां होगा, फिर अगर मिलना होगा तो मिलेंगे ख्वाबों में, जैसे सूखे गुलाब मिलते हैं किताबों में।
रंग न देख रूप न देख न देख मज़हब की दीवार दोस्ती के फूल वहीं खिलते हैं, जहां मिलता है यारों का प्यार।
मिलना बिछड़ना सब किस्मत का खेल है कभी नफरत तो कभी मेल है, बिक जाते हैं हर रिश्ते दुनिया में, सिर्फ दोस्ती ही यहां Not For Sale है।
कहते हैं दिल की बात हर किसी को बताई नही जाती, पर दोस्त तो आईने होते हैं और आईने से कोई बात छुपाई नही जाती!