सुर्ख गुलाब सी तुम हो, जिन्दगी के बहाव सी तुम हो, हर कोई पढ़ने को बेकरार, पढ़ने वाली किताब सी तुम हो।
निगाहों से तेरे दिल पर पैगाम लिख दूं तुम कहो तो अपनी रूह तेरे नाम लिख दूं.
तुझे देखने से मेरा चेहरा कुछ यूं खिल जाता है जैसे तेरे होने से मुझे सबकुछ मिल जाता है.!!
हश्र ना पूछो मेरी धड़कनों का तुम जो पास होती हो तो थम सी जाती हैं और ना हो तो सुकून कहां पाती हैं
सर्द हवाओं ने गालों को छुआ है, शायद तुमने मेरा नाम लिया होगा, दिल की धड़कन रुक सी गयी है सीने में, शायद तुमने मुझे थाम लिया होगा।
मैने कब तुझसे ज़माने की खुशी माँगी है, एक हल्की-सी मेरे लब पे हँसी माँगी है, सामने तुझको बिठाकर तेरा दीदार करूँ, जी में आता हैं जी भर के तुझे प्यार करूँ।
चेहरे पे मेरे जुल्फों को फैलाओ किसी दिन, क्यूँ रोज गरजते हो बरस जाओ किसी दिन, खुशबु की तरह गुजरो मेरी दिल की गली से, फूलों की तरह मुझपे बिखर जाओ किसी दिन।
मंजिल भी तुम हो तलाश भी तुम हो, उम्मीद भी तुम हो आस भी तुम हो, इश्क भी तुम हो और जूनूँ भी तुम ही हो, अहसास तुम हो प्यास भी तुम ही हो।
ठहर जा नजर में तू जी भर के तुझे देख लूं बीत जाए ना ये पल कहीं इन पलों को में समेट लूं
सौ दिल अगर हमारे होते खुदा कसम सब के सब तुम्हारे होते.!!