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मै दोस्ती का फर्ज़ निभाना चाहता हूं, रिश्ते की गहराई आजमाना चाहता हूं, जो बारिश की बूंदों में मेरे आंसू पहचान ले, एक दोस्त ऐसा बनाना चाहता हूं।।
बहुत कुछ खोया बहुत कुछ पाया, कसम से जिंदगी ने बहुत हसाया बहुत ही रुलाया पर शिकवा नहीं जिंदगी से हमें कोई, क्योंकि इसी ने कुछ हसीन दोस्तों से भी मिलाया।
अंधेरे का एहसास शाम से होता है, नशे का एहसास जाम से होता है, यूं तो बहुत दोस्त हैं दुनिया में, पर दोस्ती का एहसास आपके नाम से होता है।
दोस्ती से बड़ी कोई चाहत नही है, दोस्ती से बड़ी कोई इबादत नही है, जीवन में एक सच्चा दोस्त मिल जाए, फिर हमें जिंदगी से कोई शिकायत नही है।
मेरी जिंदगी में खुशियां तेरे बहाने से है, आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है।
एटीट्यूड बहुत है मुझमें But बेवजह दिखाता नहीं और वजह मिलने पर गवाता नहीं..!!
बादशाह हो या मालिक सलामी हम नही करते पैसे हो या कोई राजकुमारी गुलामी हम नही करते।
बुरे हालातों में और परेशान ना कर, अगर इश्क़ करना है तो, ठीक से कर वरना ये एहसान न कर।
एक पल के लिए जब तू पास आता है, मेरा हर लम्हा ख़ास बन जाता है, सँवरने सी लगती है ये ज़िन्दगी अपनी, जब भी तू मेरी बाहों में मुस्कुराता है।
दिल में है जो बात होंठों पे आने दे, मुझे जज्बातों की लहरों में खो जाने दे, आदी हो चुका हूँ मैं तेरी निगाहों का, अपनी निगाहों के समंदर में डूब जाने दे।
जन्म-जन्म जो साथ निभाए, तुम ऐसा बंधन बन जाओ, मैं बन जाऊं प्यार भरा दिल, तुम दिल की धड़कन बन जाओ।
लबों से छू लूँ जिस्म तेरा, साँसों में साँस जगा जाऊँ, तू कहे अगर इक बार मुझे, मैं खुद ही तुझमें समा जाऊँ।
सुर्ख गुलाब सी तुम हो, जिन्दगी के बहाव सी तुम हो, हर कोई पढ़ने को बेकरार, पढ़ने वाली किताब सी तुम हो।
निगाहों से तेरे दिल पर पैगाम लिख दूं तुम कहो तो अपनी रूह तेरे नाम लिख दूं.
तुझे देखने से मेरा चेहरा कुछ यूं खिल जाता है जैसे तेरे होने से मुझे सबकुछ मिल जाता है.!!
हश्र ना पूछो मेरी धड़कनों का तुम जो पास होती हो तो थम सी जाती हैं और ना हो तो सुकून कहां पाती हैं
सर्द हवाओं ने गालों को छुआ है, शायद तुमने मेरा नाम लिया होगा, दिल की धड़कन रुक सी गयी है सीने में, शायद तुमने मुझे थाम लिया होगा।
मैने कब तुझसे ज़माने की खुशी माँगी है, एक हल्की-सी मेरे लब पे हँसी माँगी है, सामने तुझको बिठाकर तेरा दीदार करूँ, जी में आता हैं जी भर के तुझे प्यार करूँ।
चेहरे पे मेरे जुल्फों को फैलाओ किसी दिन, क्यूँ रोज गरजते हो बरस जाओ किसी दिन, खुशबु की तरह गुजरो मेरी दिल की गली से, फूलों की तरह मुझपे बिखर जाओ किसी दिन।
मंजिल भी तुम हो तलाश भी तुम हो, उम्मीद भी तुम हो आस भी तुम हो, इश्क भी तुम हो और जूनूँ भी तुम ही हो, अहसास तुम हो प्यास भी तुम ही हो।
ठहर जा नजर में तू जी भर के तुझे देख लूं बीत जाए ना ये पल कहीं इन पलों को में समेट लूं
सौ दिल अगर हमारे होते खुदा कसम सब के सब तुम्हारे होते.!!
मंजिल भी तुम हो तलाश भी तुम हो, उम्मीद भी तुम हो आस भी तुम हो, इश्क भी तुम हो और जूनूँ भी तुम ही हो, अहसास तुम हो प्यास भी तुम ही हो।
मेरी कहानी खुद मैं लिखता हूँ, क्योंकि मुझे किसी का गुलाम बनना पसंद नहीं।